बच्चों के लिए धार्मिक कथाएँ · देवनागरी पाठ

नचिकेता का प्रश्न

बच्चों के लिए सरल हिन्दी कथारूपान्तरण।

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स्रोत: स्रोत-सन्दर्भ सहित Divyadindarshan का हिन्दी रूपान्तरण · संदर्भ पाठ

नचिकेता का प्रश्न — हिन्दी रूपान्तरण

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नचिकेता ने अपने पिता को दान करते देखा। कुछ गायें इतनी बूढ़ी और दुर्बल थीं कि वे किसी के काम नहीं आ सकती थीं। बालक ने सोचा कि देने की भावना सच्ची होनी चाहिए। उसने पिता से प्रश्न किया, लेकिन पिता क्रोध में बोल पड़े। कथा नचिकेता को यम के द्वार तक ले जाती है। तीन रात प्रतीक्षा के बाद यम ने उन्हें तीन वर दिए। नचिकेता ने पहले पिता के साथ फिर प्रेमपूर्ण मिलन की कामना की। दूसरे में उन्होंने एक विद्या सीखी। तीसरे में उन्होंने जीवन और मृत्यु का कठिन प्रश्न पूछा। यम ने धन और सुखों का विकल्प दिया, पर बालक ने कहा कि वे सब एक दिन समाप्त हो जाएँगे। उन्हें अपने प्रश्न का उत्तर चाहिए। तब यम ने अच्छी लगने वाली चीज और सचमुच भला करने वाली चीज के बीच अन्तर समझाया। नचिकेता की कहानी बताती है कि आदर से प्रश्न करना बुरी बात नहीं है। सीखने के लिए धैर्य चाहिए और कभी-कभी आसान पुरस्कार छोड़कर सही उत्तर की खोज भी करनी होती है।
स्रोत और पाठ-संस्करण

Divyadindarshan का स्वतन्त्र हिन्दी रूपान्तरण; उद्धृत स्रोतों के प्रसंग/परम्परा पर आधारित। https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A5%8D/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83/%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80&oldid=403128 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A5%8D/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80&oldid=403120