बच्चों के लिए धार्मिक कथाएँ · देवनागरी पाठ

कृष्ण और सुदामा

बच्चों के लिए सरल हिन्दी कथारूपान्तरण।

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स्रोत: स्रोत-सन्दर्भ सहित Divyadindarshan का हिन्दी रूपान्तरण · संदर्भ पाठ

कृष्ण और सुदामा — हिन्दी रूपान्तरण

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कृष्ण और सुदामा गुरुकुल में साथ पढ़े थे। बड़े होकर उनके जीवन अलग हो गए। कृष्ण द्वारका के राजा बने, जबकि सुदामा का परिवार अभाव में रहता था। पत्नी के आग्रह पर सुदामा पुराने मित्र से मिलने चले। भेंट के लिए उनके पास थोड़े से चिउड़े ही थे। द्वारका पहुँचने पर कृष्ण उन्हें देखकर बहुत प्रसन्न हुए। वे स्वयं उठकर मित्र को लाए, आदर से बैठाया और उनके चरण धोए। सुदामा के साधारण वस्त्र या गरीबी से उनके व्यवहार में कोई कमी नहीं आई। दोनों ने गुरुकुल के दिनों को याद किया। सुदामा अपनी छोटी भेंट देने में संकोच कर रहे थे। कृष्ण ने प्रेम से वह पोटली ली और चिउड़े खाए। मित्रता के कारण सुदामा कोई माँग ही नहीं कर पाए। घर लौटते हुए वे सोचते रहे कि कृष्ण ने कितना सम्मान दिया। घर पहुँचे तो परिवार की स्थिति बदली हुई मिली। कथा इसे भगवान की कृपा के रूप में कहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सच्ची मित्रता किसी के धन, कपड़े या बड़े पद से नहीं नापी जाती। छोटी भेंट भी प्रेम से दी जाए तो उसका मूल्य बहुत होता है।
स्रोत और पाठ-संस्करण

Divyadindarshan का स्वतन्त्र हिन्दी रूपान्तरण; उद्धृत स्रोतों के प्रसंग/परम्परा पर आधारित। https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%83_%E0%A5%A7%E0%A5%A6/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%83/%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83_%E0%A5%AE%E0%A5%A6&oldid=98416 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%83_%E0%A5%A7%E0%A5%A6/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%83/%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83_%E0%A5%AE%E0%A5%A7&oldid=98418