बच्चों के लिए धार्मिक कथाएँ · देवनागरी पाठ

हनुमान की रामभक्ति

बच्चों के लिए सरल हिन्दी कथारूपान्तरण।

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स्रोत: स्रोत-सन्दर्भ सहित Divyadindarshan का हिन्दी रूपान्तरण · संदर्भ पाठ

हनुमान की रामभक्ति — हिन्दी रूपान्तरण

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सीता की खोज में समुद्र पार करके हनुमान लंका पहुँचे। उन्होंने बहुत खोज की और अन्ततः अशोकवाटिका में सीता को देखा। वे दुखी थीं और राम का स्मरण कर रही थीं। हनुमान ने सावधानी से रामकथा का वर्णन किया ताकि उन्हें विश्वास हो सके कि वे शत्रु का भेजा कोई छलिया नहीं हैं। फिर उन्होंने राम की मुद्रिका दिखाई। सीता को आशा मिली। हनुमान ने राम और लक्ष्मण का समाचार बताया और उन्हें आश्वस्त किया कि राम उन्हें वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। सीता ने अपना सन्देश और चूड़ामणि राम तक पहुँचाने के लिए दी। हनुमान लौटकर राम के पास पहुँचे। उन्होंने केवल अपनी वीरता की बात नहीं की; सबसे पहले सीता का समाचार और उनका सन्देश दिया। जिसे काम सौंपा गया था, उसे पूरा करके सही सूचना लौटाना उनकी सेवा का केन्द्र था। हनुमान की भक्ति में उत्साह के साथ बुद्धि, विनम्रता और जिम्मेदारी भी है। किसी की सहायता करते समय उसकी बात ध्यान से सुनना और दिए गए भरोसे को निभाना हम भी सीख सकते हैं।
स्रोत और पाठ-संस्करण

Divyadindarshan का स्वतन्त्र हिन्दी रूपान्तरण; उद्धृत स्रोतों के प्रसंग/परम्परा पर आधारित। https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%A9%E0%A5%AA&oldid=354788 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%A9%E0%A5%AC&oldid=354792