बच्चों के लिए धार्मिक कथाएँ · देवनागरी पाठ

बाल हनुमान और सूर्य

बच्चों के लिए सरल हिन्दी कथारूपान्तरण।

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स्रोत: स्रोत-सन्दर्भ सहित Divyadindarshan का हिन्दी रूपान्तरण · संदर्भ पाठ

बाल हनुमान और सूर्य — हिन्दी रूपान्तरण

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बाल हनुमान ऊर्जा और जिज्ञासा से भरे हुए थे। एक सुबह उन्होंने उगते सूर्य को लाल फल जैसा देखा। बालसुलभ उत्साह में वे उसे पाने के लिए आकाश में उड़ चले। रामायण के उत्तरकाण्ड में इस असाधारण बाललीला का वर्णन मिलता है। देवता उनकी शक्ति देखकर चकित हुए। सूर्य तक पहुँचने के उनके प्रयास के बीच इन्द्र का वज्र लगा और बालक आहत हुए। वायु अपने पुत्र के दुख से व्यथित हुए। संसार में प्राणवायु का क्रम प्रभावित हुआ तो देवताओं ने मिलकर बालक की रक्षा और उन्हें वर देने का निर्णय किया। हनुमान को अनेक शक्तियाँ मिलीं। आगे चलकर उनका बल सेवा, साहस और रामभक्ति में लगा। बचपन की असंयमित ऊर्जा को जीवन के बड़े उद्देश्य से जुड़ते हुए हम उनके चरित्र में देखते हैं। यह चमत्कारों वाली पौराणिक बालकथा है। इसका प्रिय भाव है कि प्रतिभा के साथ मार्गदर्शन भी आवश्यक है। नया सीखने की इच्छा अच्छी है; बड़े लोगों से पूछकर और अपनी सुरक्षा समझकर काम करने से वह इच्छा और उपयोगी बनती है।
स्रोत और पाठ-संस्करण

Divyadindarshan का स्वतन्त्र हिन्दी रूपान्तरण; उद्धृत स्रोतों के प्रसंग/परम्परा पर आधारित। https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%A9%E0%A5%AB&oldid=49527 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%A9%E0%A5%AC&oldid=49530