पुराण कथा · देवनागरी पाठ

गंगा अवतरण की कथा

स्रोताधारित हिन्दी कथारूपान्तरण। मूल ग्रन्थ के प्रसंग और इस संस्करण का सन्दर्भ साथ दिया गया है।

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स्रोत: मूल ग्रन्थ-सन्दर्भ सहित Divyadindarshan का हिन्दी कथारूपान्तरण · संदर्भ पाठ

गंगा अवतरण की कथा — हिन्दी कथारूपान्तरण

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राजा सगर के पुत्रों के उद्धार के लिए उनके वंश में गंगा को पृथ्वी पर लाने का प्रयास चला। अंशुमान और दिलीप के बाद राजा भगीरथ ने यह उत्तरदायित्व लिया। उन्होंने राज्य का प्रबन्ध सौंपकर दीर्घ तप किया। ब्रह्मा ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की, लेकिन बताया कि गंगा का प्रचण्ड वेग पृथ्वी नहीं सह पाएगी। भगीरथ ने शिव की आराधना की। शिव गंगा को अपने मस्तक पर धारण करने के लिए तैयार हुए। जब गंगा बड़े वेग से उतरीं, शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में रोक लिया। भगीरथ की पुनः प्रार्थना पर उन्होंने धारा को पृथ्वी की ओर प्रवाहित किया। भगीरथ आगे-आगे चले और गंगा उनके पीछे बहती गईं। मार्ग में जह्नु ऋषि का प्रसंग आया। उनके द्वारा फिर मुक्त किए जाने के कारण गंगा जाह्नवी भी कहलाती हैं। अन्त में धारा उस स्थान तक पहुँची जहाँ सगरपुत्रों के अवशेष थे और उनके उद्धार का उद्देश्य पूरा हुआ। गंगा का एक नाम भागीरथी इस कठिन प्रयत्न की स्मृति रखता है। कथा में केवल वर माँगना नहीं, कार्य की कठिनाई समझना, उपयुक्त सहायता प्राप्त करना और पीढ़ियों से अधूरे दायित्व को पूरा करना भी महत्त्वपूर्ण है। इसी कारण अत्यन्त कठिन कार्य के लिए किया गया प्रयत्न आज भी भगीरथ प्रयास कहलाता है।
स्रोत और पाठ-संस्करण

स्रोताधारित स्वतन्त्र हिन्दी रूपान्तरण; मूल श्लोकों का अक्षरशः अनुवाद नहीं। https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%AA%E0%A5%A8&oldid=349982 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%AA%E0%A5%A9&oldid=350082 https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%83_%E0%A5%AA%E0%A5%AA&oldid=350093